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Tally Hindi notes in pdf
(Introduction of Tally) टैली का परिचय -
किसी भी बिज़नस को ठीक ढंग से चलाने के लिए आवश्यक लाभ लेने के लिए ज़रूरी है की हम तरीके से उसका हिसाब रखे पहले ये कार्य पूरी तरह से मेनुल होता था, परन्तु आज ये सारा काम कंप्यूटर की मदद से संचालित किया जा रहा है !
अब बात आती है हिसाब की तो हिसाब का तात्पर्य यहा एंट्री से है आर्थात अगर आप बिज़नस का हिसाब रखना चाहते है तो आपको सबसे पहले एंट्री करना होगा और ये एंट्री आप दो तरह से कर सकते है
1 मेनुअल
2. कंप्यूटर
मेनुअल एंटी करना मतलब हाथो से एंट्री करना रजिस्टर पर जबकि कंप्यूटर एकाउंटिंग का अर्थ एकाउंटिंग या एंट्री करना कंप्यूटर पर, मेनुअल एकाउंटिंग जहा हम घंटो या दिनों मे करते थे वही कंप्यूटर एकाउंटिंग हम बिना किसी गलती के मिनटों में कर सकते है I
कंप्यूटर पर एंट्री (या एकाउंटिंग ) करने के लिए हमे एक एकाउंटिंग सॉफ्टवेर की ज़रुरत होती है और टैली उसी तरह का एक एकाउंटिंग सॉफ्टवेर है, टैली एकाउंटिंग सॉफ्टवेर की खास बात ये है की इस पर एकाउंटिंग बड़ी आसानी से की जा सकती है और ये भारत और बहार के कई देशो में सबसे ज्यादा लोकप्रिय एकाउंटिंग सॉफ्टवेर है !
टैली एकाउंटिंग सॉफ्टवेर के अलावा और भी एकाउंटिंग सॉफ्टवेर है जेसे TALLY, MARG, QUICK
BOOKS, M-PROFIT, BUSY, ETC
______________________________________________________________
और अधिक जानकारी के लिए आप ये विडियो देखे
Terminology of accounting in Hindi
लेखानाकं की पारिभाषिक शब्दावली:-
tally Hindi notes in pdf
टैली नोट्स इन हिंदी Tally Notes in Hindi .
एकाकी व्यापारी या Proprietor: वह होता है जो अकेले बिज़नस में पेसे लगता है लाभ एवं हानि का स्वं जिम्मेदार होता है एकाकी व्यपारी कहलाता है |
साझेदार या Partners : जब दो या दो से ज्यादा लोग बिज़नस में पैसा लगते है और बिज़नस के लाभ और हानि के उत्तरदायी होते है पार्टनर्स कहलाते है किसी बिज़नस में २० तक साझेदार हो सकते है |
अंशधारी या Shareholder: किसी बिज़नस में जब २० से ज्यादा लोग हिस्सेदार हो तब वह अंशधारी कहलाते है अर्थात अंश्भर के मालिक होते है|
tally Hindi notes in pdf(Introduction of Tally) टैली का परिचय -
किसी भी बिज़नस को ठीक ढंग से चलाने के लिए आवश्यक लाभ लेने के लिए ज़रूरी है की हम तरीके से उसका हिसाब रखे पहले ये कार्य पूरी तरह से मेनुल होता था, परन्तु आज ये सारा काम कंप्यूटर की मदद से संचालित किया जा रहा है !
अब बात आती है हिसाब की तो हिसाब का तात्पर्य यहा एंट्री से है आर्थात अगर आप बिज़नस का हिसाब रखना चाहते है तो आपको सबसे पहले एंट्री करना होगा और ये एंट्री आप दो तरह से कर सकते है
1 मेनुअल
2. कंप्यूटर
मेनुअल एंटी करना मतलब हाथो से एंट्री करना रजिस्टर पर जबकि कंप्यूटर एकाउंटिंग का अर्थ एकाउंटिंग या एंट्री करना कंप्यूटर पर, मेनुअल एकाउंटिंग जहा हम घंटो या दिनों मे करते थे वही कंप्यूटर एकाउंटिंग हम बिना किसी गलती के मिनटों में कर सकते है I
कंप्यूटर पर एंट्री (या एकाउंटिंग ) करने के लिए हमे एक एकाउंटिंग सॉफ्टवेर की ज़रुरत होती है और टैली उसी तरह का एक एकाउंटिंग सॉफ्टवेर है, टैली एकाउंटिंग सॉफ्टवेर की खास बात ये है की इस पर एकाउंटिंग बड़ी आसानी से की जा सकती है और ये भारत और बहार के कई देशो में सबसे ज्यादा लोकप्रिय एकाउंटिंग सॉफ्टवेर है !
टैली एकाउंटिंग सॉफ्टवेर के अलावा और भी एकाउंटिंग सॉफ्टवेर है जेसे TALLY, MARG, QUICK
BOOKS, M-PROFIT, BUSY, ETC
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और अधिक जानकारी के लिए आप ये विडियो देखे
Terminology of accounting in Hindi
लेखानाकं की पारिभाषिक शब्दावली:-
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- Trade(व्यपार )
- Profession (पेशा )
- Business (व्यवसाय)
- Owner (मालिक)
- Capital(पूंजी)
- Draowing (आहरण )
- Purchase (मालखरीदना )
- Sales (माल बेचना )
- Purchase Return (क्रय बापसी )
- Sales Return (विक्रयबापसी )
टैली नोट्स इन हिंदी Tally Notes in Hindi .
- Trade - लाभ कमाने के उद्देश से किया गया वस्तुओ का क्रय विक्रय व्यपार कहलाता है अर्थात किसी से 1000/- रूपए में माल ख़रीदा और उसे 1200/- रूपय में बेचा तो यह २०० रूपए का लाभ लिया गया इसे ट्रेड करना बोला जायेगा I
- Profession - ऐसा कोई वैधानिक कार्य जिसे करने से पूर्व अभ्यास की आवश्यकता हो और जिस कार्य से आय अर्जित हो पेशा कहलता है I अर्थात जेसे अगर कोई गाना गाता है तो गाना गाना उसका शोक है, लेकिन अगर वह गाने गाकर पेसे कमाता है तो वह उसका प्रोफेशन या पेशा कहलायेगा I
- Business : - बिज़नस एक ब्यापक शब्द है जिसमे Trade और Profession दोनों आते है अर्थात किसी जगह पर जहा खरीदी बिक्री के साथ प्रोफेशनल लोग भी कम पर लगेहोते है बिज़नस कहलाता है |
- Owner :वजो बिज़नस में पैसा लगता है और बिज़नस का संचालन करता है मालिक कहलाता है
मालिक ३ प्रकार के होते है
- एकाकी व्यापरी proprietor
- साझेदार partners
- अंशधारी share holders
एकाकी व्यापारी या Proprietor: वह होता है जो अकेले बिज़नस में पेसे लगता है लाभ एवं हानि का स्वं जिम्मेदार होता है एकाकी व्यपारी कहलाता है |
साझेदार या Partners : जब दो या दो से ज्यादा लोग बिज़नस में पैसा लगते है और बिज़नस के लाभ और हानि के उत्तरदायी होते है पार्टनर्स कहलाते है किसी बिज़नस में २० तक साझेदार हो सकते है |
अंशधारी या Shareholder: किसी बिज़नस में जब २० से ज्यादा लोग हिस्सेदार हो तब वह अंशधारी कहलाते है अर्थात अंश्भर के मालिक होते है|
- Capital या पूंजी : मालिक जो पैसा बिज़नस में लगता है उसे पूंजी बोला जाता है यह पूंजी केश या सम्पति के रूप में हो सकती है|
- Drowning या आहरण :- मालिक अपने निजी खर्चो केलिए व्यपार से जब पेसे निकलता है तो उसे मालिक के निजी खर्चे या आहरण बोला जाता है |अर्थात किसी व्यापरी के कपड़ो की दुकान है दिवाली आने पर उसने कपड़े आपने ही दुकान से ले लिए तो इसे हम आहरण करना बोलेंगे अपनी की कैपिटल से पेसे या सामान लेना drawing कहलाता है |
- Purchase : Purchase का अर्थ माल खरीदना जो माल बेचने के लिए ख़रीदा जाए उसे हम Purchase कहेते है | ;याद रहे टैली में भवन खरीदना , फर्नीचर खरीदना Purchase करना नही कहलाता है , Purchase का अर्थ केवल स्टॉक या माल खरीदना जिसे बेचा जायेगा
- Sales : बिज़नस द्वारा जब कोई माल बेचा जाये उसे हम सेल्स या माल बेचना बोलेंगे और टोटल सेल्स को टर्नओवर कहा जाता है |
- Purchase Return : जब हम कोई माल किसी से ख़रीदे और किन्ही कारणों से माल में कोई खराबी या गलत माल आने पर उस माल को बापस करना, क्रय- वापसी या purchase Return कहालायेगा|
- Sales Return : जब कोई माल बेचा जाये और बेचे गये माल में कुझ खराबी मिलने पर या गलत माल जाने पर आप उस माल को वापस लेंगे तो या विक्रय वापसी या सेल्स return कहलायेगा|
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Terminology of Accounting in hind (Accounting Words)
- Stock(रहतिया )
- Creditors(लेनदार )
- Debtors(देनदार )
- Asset(सम्पति)
- Fixed Assets(स्थायी सम्पति)
- Current Assets (अस्थायी सम्पति )
- Liabilities (दायित्व )
- Fixed Liabilities or long term Liabilities (स्थयी)
- current Liabilities or Sort term Liabilities( अस्थायी)
- Income(आय)
- Direct Income (प्रतक्ष्य आय )
- Indirect Income(अप्र्ताक्ष्य आय )
- Expenses (खर्चे )
- Direct Expenses (प्रतक्ष्य व्य )
- Indirect Expenses(अप्रतक्ष्य व्य )
- Revenue (राजस्व )
- Stock : हमारे पास वर्त्तमान में जो भी मॉल रखा होता है वह हमारा स्टॉक कहलाता है साल के अंत में जो मॉल बिना विके रहा जाता है उसे उस साल का अंतिम रहतिया (closing stock) कहा जाता है और साल के पहले दिन वही मॉल प्रारम्भिक रहतिया (opening stock) कहलाता है|
- Creditors :वह व्यक्ति या संस्था जो किसी अन्य व्यक्ति
या संस्था को उधार मॉल या सेवाए बेचती है या रुपया उधार देती है लेनदार या
क्रेडिटर कहलाते है संझेप में उधार माल बेचने वाला क्रेडिटर कहलाता है|
Creditors को To/Cr भी लिखा जाता हैउदहारण के लिए विनय ने 4000 का माल सुरेश से ख़रीदा तो suresh यहा creditors कहलायेगा |
- Debtors :वह व्यक्ति या संस्था जो किसी अन्य व्यक्ति
या संस्था से उधार मॉल या सेवाए लेती है
या रुपया उधार लेती है देनदार या debtors कहलाते है संझेप में उधार माल खरीदेंने वाला debtors कहलाता है|
debtors को BY/DR भी लिखा जाता है|उदहारण के लिए विनय ने 4000 का माल सुरेश से ख़रीदा तो
vinay यहा debtors कहलायेगा
Assets: सम्पत्तियो से आशय बिजनेस के आर्थिक स्त्रोत से है जिन्हें मुद्रा में व्यक्त किया जा सकता है, जिनका मूल्य होता है और जिनका उपयोग व्यापर के संचालन व आय अर्जन के लिए किया जाता है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि सम्पत्तियाँ वे स्त्रोत हैं जो भविष्य में लाभ पहुँचाते हैं। उदाहरण के लिए, मशीन, भूमि, भवन, ट्रक, आदि।a. Fixed Assets (स्थायी सम्पत्तियां ): फिक्स्ड असेट वे असेट्स होती है जिन्हें लंबे समय के लिए रखा जाता है ,फिक्स्ड असेट को व्यवसाय हेतु प्रयुक्त किया जाता है और संचालन की सामान्य प्रकिया में दुबारा बिक्री नहीं की जाती है।उदाहरण- भूमि, भवन, मशीनरी, संयन्त्र, फर्नीचरb. Current Assets (चालू संपत्तियां) : करंट असेट्स वे असेट्स होती है जिन्हें कम समय के लिए रखा जाता है करंट असेट की संचालन की सामान्य प्रकिया में दुबारा बिक्री की जाती है।उदाहरण- देनदार, स्टॉक, प्राप्य बिल, आदि।
- Liabilites :स्वामी के धन के अतिरिक्त बिज़नेस का वित्तीय दायित्व(कर्जे) लाइबिलिटी कहलाता है। वह, धन जो व्यावसायिक उपक्रम को दूसरों को देना है, दायित्व कहा जाता है ,इस प्रकार दायित्व देयताएँ हैं, ये सभी राशियाँ हैं, जो लेनदारों को भविष्य में देय हैं। उदाहरण- लेनदार, देय बिल, ऋण एवं अधिविकर्ष इत्यादि।tally Hindi notes in pdf
Sort term Liabilities(Current Liabilities ) वे दायित्व है जो बिज़नस को एक साल के अंदर चुकाना होता है| जेसे लेनदार
- Income : आय आगम में से व्यय घटाने पर जो शेष बचता है, उसे आय (Income) कहा जाता है। व्यावसायिक गतिविधियों अथवा अन्य गतिविधियों से किसी संगठन के निवल मूल्य में होने वाली वृद्धि इनकम होती है। इनकम एक व्यापक शब्द है जिसमें लाभ भी शामिल होता है।
आय
= आगम – व्यय (Revenue - Expenses) tally Hindi notes in pdf
Direct income : वह आय जो मुख्य व्यापर से आये उसे हम Direct Income कहते है |उदहारण के लिए अगर किसी की कपड़ो की दुकान है तो उसकी डायरेक्ट इनकम कपडे बेचकर मिले वाली इनकम होगी
Indirect Income : मुख्य व्यवसाय के आलावा अगर कही से भी पेसे आये उसे हम indirect income कहते है | उदाहरण के लिए आपके कपड़ो की दुकान है और आप के पास कुझ जगह ज्यादा है तो आपने आधी जगह किराये पर दे दी तो अब इसे आने वाला पैसा या लाभ INDIRECT इनकम है|
Indirect Income : मुख्य व्यवसाय के आलावा अगर कही से भी पेसे आये उसे हम indirect income कहते है | उदाहरण के लिए आपके कपड़ो की दुकान है और आप के पास कुझ जगह ज्यादा है तो आपने आधी जगह किराये पर दे दी तो अब इसे आने वाला पैसा या लाभ INDIRECT इनकम है|
- Expenses (व्यय) : Expenses का अर्थ है खर्चो से जो, देनिक,साप्ताहित,और महीने आदि में होते है |प्रयोग की गई वस्तुओं एवं सेवाओं की लागत को व्यय कहते हैं। ये वे लागते होती है जिन्हें किसी व्यवसाय से आय अर्जित करने की प्रकिया में व्यय किया जाता है। सामान्यत: एक्सपेसेंज को किसी अकाउंटिंग अवधि के दौरान असेट्स के उपभोग अथवा प्रयुक्त की गई सेवाओं की लागत से मापा जाता है।उदाहरण :-विज्ञापन व्यय, कमीशन, ह्रास, किराया, वेतन, मूल्यहास, किराया, मजदूरी, वेतन, व्याज टेलीफोन इत्यादि ।tally Hindi notes in pdf
Direct Expenses:
किसी माल के उताप्दन से लेकर उसे विक्रय योगय स्थिति में लाने तक जो भी
खर्च्र होते है उने direct Expenses कहा जाता है | उदारण फक्ट्री बिल
,मजदूरी ,फैक्ट्री किराया , (wages), सामन लाने का किराया आदि
Indirect Expenses : कार्यलय से सम्धित सभी खर्चे Indirect Expenses कहलाते हैजेसे ऑफिस का किराया ,लाइट का बिल आदि |
![]() |
| Expenses Chart |
Tally erp9 Hindi notes in pdf
Revenue
(आय): यह
व्यवसाय में कस्टमर्स को अपने उत्पादों की बिक्री से अथवा सेवाएँ उपलब्ध कराए जाने
से अर्जित की गई राशियाँ होती हैं। इन्हें सेल्स रेवेन्यूज कहा जाता है। कहीं
व्यवसायों के लिए रेवेन्यूज के अन्य आइटम्स एवं सामान्य स्त्रोत बिक्री, शुल्क,
कमीशन, व्याज, लाभांश, राॅयल्टीज,प्राप्त किया जाने वाला किराया इत्यादि होते हैं।
tally notes
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Create Compnay
टैली क्या है ? जाने के लिए यहा क्लिक करे
------New Company Creation in Tally.erp9-----
Create Company In Tally In Hindi
------New Company Creation in Tally.erp9-----
Create Company In Tally In Hindi
How To Create Company In Tally Step (Hindi)
1.) टैली को खोलिए (Open Tally)
2.) अगर टैली के फ्री वर्जन में काम कर रहे है तो work in Education mode Choose करे ( If Use Education Mode Please Choose "Work In Education Mode.")
3.) Company Info लाने के लिए की बोर्ड पर ALT + F3 दबाये | (Press Alt+F3 For Company Info.)
4.) Create Company को सेलेक्ट करे (Choose Create Company)
5.) Directory Name : C:\
जिस ड्राइव में डाटा सेव करना चाहते है उस ड्राइव का नाम दे अगर आप नाम नही देंगे तो टैली अपने आप ही लोकेशन चूस कर लेगा
(Name the drive in which the data you want to save data, if you do not give the name, the tally will automatically Select the location.)
6.) Name :Asha Traders
जिस नाम से आपका बिज़नस या दुकान है उसका नाम दे
(Enter Your Company Name)
7.) Mailing Name: Asha Traders Pvt.Ltd
यहा कंपनी का वो नाम लिखे जो आपकी कंपनी का पंजीकृत नाम हो या फिर वो नाम जो आप बिल या किसी भी रिपोर्ट में दिखाना चाहते है
Name और Mailing Name सामान भी हो सकते है |
(Write the name of the company that is the registered name of your company or the name you want to show in the bill or in any report. Name and Mailing Name can also be same.)
8.) Address : 1st Floor,Sai building , A.B Road, Indore
Company का एड्रेस जो आप बिल में दिखाना चाहते है |
(Enter Your Company Address that You Want to Print On bill)
9.) Country : India
अपना देश सेलेक्ट जिस जगह से कम्पनी संचालित है |
(Select the country from which the company Registered .)
10.) State : MadhyaPradesh
यहा आप अपना राज्य सेलेक्ट करेंगे
(Select Your Company State )
11.)Pin Code : 473001
अपना एरिया पिन कोड लिखे
(Enter Your Area Pin Code)
12.) Phone No. : 07542-123456
यहा आप अपने बिज़नस का फोन नंबर लिखे यदि है तो
(Enter Your Company Phone Number, if Any )
13.) Mobile No. : 9876543210
बिज़नस का मोबाइल नंबर लिखे
(Enter Business Mobile Number )
14.) Fax No. : 123456
यहा फैक्स मशीन नंबर यदि है तो लिखे
(If Available, Enter fax Machine Number )
15.) E-Mail Id : YourCompany@Gmail.com
आप बिज़नस की ईमेल आई डी लिखे
(Enter Your Business Email Id )
16.) Website : www.yourcomany.com
अपनी कंपनी की वेबसाइट लिखे
(Enter Your Business Website Address)
17.) Financial Year begins From :1-4-2019
यहा अपनी कंपनी का वित्तिय वर्ष लेंगे जिस साल में आप एंट्री करना चाहते है | यानि आपके लेन देन की पहली डेट किस वित्तिय वर्ष में है ये डेट है वो वितीय वर्ष टाइप करे |
(Take your company's financial year here in the year you want to enter. This is the date in which financial transaction is the first date of your transaction)
18.)Book Beginning From : 1-4-2019
यहा आप वह डेट डाले जिस डेट से आप हिसाब रखना शुरू करेंगे जैसे मान लीजिये आप 1-05-2019 से एंट्री शुरू करना चाहते है तो यह 1-5-2019 लिखे, अगर आपको अभी नही पता की किस डेट से करनी है तो यहा 1-4-2019 ही लिख दे
(If you want to start the account from date 1-05-2019, then write this date 1-5-2019, if you do not know what date to date, then here Write 1-4-2019 only)
19.) Tally Vault Password : 1234
(यदि आप देना चाहे तो अन्यथा इसे खाली छोड़ दे )
यहा आप अपनी कंपनी में पासवर्ड लगा सकते है, जिससे कोई और उसे देख न सके और न खोल सके , टैली वोल्ट पासवर्ड कंपनी के नाम को सेलेक्ट कंपनी की लिस्ट से छुपा देता है |
(Here you can put a password in your company, so that nobody else can see it or open it, the Tally Vault password hides the company name from the list of select companies.)
20.) Use Security Control : YES/NO
यहा भी पासवर्ड दे सकते है यदि आप देना चाहे तो YES करे और यूजर नेम में नाम और पासवर्ड में पासवर्ड टाइप करे
(You can also give a password if you want to give YES and type the password in the username and password.)
21.) Base Currency Symbol : ₹
ये हमारे देश के हिसाब से करेंसी सिंबल आ जायेगा ,भारतीय मुद्रा हमारे यहा रुपया ही है अलग अलग देशो में मुद्रा अलग अलग होती है ,जैसे अमेरिका में मुद्रा डॉलर $ है |
(This will be the currency symbol, according to our country, Indian currency is our rupee, currency is different in different countries, like currency in the US dollar is $.)
22.) Formal Name : INR
INR का मतलब Indian Rupee है यहा सिंबल का पूरानाम लिखा जाता है|
(INR stands for Indian rupee, here the full name of the symbol is written.)
23.) Suffix Symbol To Amount : Yes/No
हम किसी भी राशी के साथ सिंबल लगाना चाहते है या नहीं यदि हा तो YES करे (₹ 200) और नही तो NO टाइप करे (200 )
(Whether we want to put a symbol with Amount or not, if yes then do YES (₹ 200) and otherwise type NO (200))
24.) Add Space Between Amount & Symbol : YES/NO
सिंबल ₹ और राशी के बीच जगह रखनी है तो YES अन्यथा NO टाइप करे ( ₹ 200) / ( ₹200 )
(If you want to place the space between the symbol ₹ and the amount then YES or else type NO)
25.) Show amount In Millions : YES / NO
यदि आपका बिज़नस बड़ा है करोड़ो या अरबो में हिसाब होता है तो इसे YES करे अन्यथा No रखे
(If your business is big enough to be worth crores or Arabs, then do YES otherwise you will not)
26.) Number of Decimal Places : 2
दशमल कितने स्थानों तक रखना है , पॉइंट के बाद दशमलब के वाद कितने नंबर आये| जैसे (₹ 2.75)
(How many places do you have to keep the decimal, how many numbers of decimal numbers arise after the point. Like (₹ 2.75))
27.) word Representing Amount After the Decimal : Paise
दशमलब के बाद वाली राशी को पैसे बोला जाता है |
28.) No. Of Decimal Places for Amount in Words : 2
शब्दों में , दशमल कितने स्थानों तक रखना है , पॉइंट के बाद दशमलब के वाद कितने नंबर आये|
इतना सब लिखने बाद आप इंटर करकर सभी को सेव करे आप
CTRL + A से भी सेव कर सकते है|
उम्मीद है आपको कम्पनी बनाना आ गया होगा अगर कुझ दिक्कत आती है तो आप हमारा ये विडियो देख सकते है फिर कुझ सवाल हो तो आप कमेंट्स कर बताये | ( Hopefully you have come to make a company, if you have trouble, then you can see our video and then if you have any questions then you can comment.)
Watch Video For More Details :-
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More Topics:
टैली में किस तरह हम स्टॉक मेन्टेन करते है ?
"Tally Super Star"
"Tally Super Star"
स्टोक मतलब वो समान जो हमारे दुकान या शॉप पर खरीदा या बेचा जाता हैं |तो जब हम टैली में इनवॉइस बिल की एंट्री करते है तब हमे टैली में स्टॉक की एंट्री भी करनी पडता है और इसके लिए हमे स्टॉक टैली में बनाना पड़ता है जिस प्रकार अकाउंट (लेजर) बनाये थे ठीक उसी प्रकार हमे टैली में स्टोक आइटम बनाना होगा बिना स्टॉक आइटम बनाये टैली में स्टॉक के साथ परचेस नही कर सकते है |
टैली में स्टॉक बनाने के लिए हमे इन्वेंटरी इन्फो में जाना होगा और वहा जाकर सबसे पहले स्टोक ग्रुप फिर यूनिट और अंत में स्टॉक आइटम बनाना होगा
चलिए देखते है टैली में स्टॉक आइटम्स कैसे बनाये -
सबसे पहले कम्पनी ओपन करिये
इसके बाद इन्वेंटरी इन्फो में जाकर स्टॉक ग्रुप में स्टॉक क्रिएट कीजिये
जैसे कंप्यूटर शॉप है तो स्टॉक ग्रुप कुछ इस तरह होंगे
Computer
keyboard
mouse
monitor
printer
speaker
etc..
और इसी तरह किराना स्टोर होने पर
Oil
Rice
Sugar
Pen
Register
etc...
स्टॉक ग्रुप बनने के बाद अब इनको नापने की यूनिट या इकाई बनानी होगी इसके लिए
इन्वेंटरी इन्फो में जाकर यूनिट में जाकर क्रिएट करना होगा
जैसे-
Computer mouse monitor आदि को हम गिन सकते है तो उसे PCS या Numbers में नाप सकते है |
और इसी तरह Rice , Sugar को Kg में नाप सकते है और oil को ltr में
और अंत में हमे स्टॉक आइटम बनाना होता है जिन्हें अंडर ग्रुप रखना होता है
जैसे dell computer, hp computer सभी कम्पनी के कंप्यूटर को अंडर Computer ग्रुप में रखना है
इसी तरह cello pen , Elkos pen सभी pen अंडर पेन के ग्रुप में जायंगे और इनकी यूनिट pcs या स्टॉक के हिसाब से किलोग्राम या लीटर होगी |
तो इस तरह हम टैली में स्टॉक आइटम क्रिएट कर सकते है स्टॉक आइटम्स क्रिएट होने के बाद एकाउंटिंग वाउचर में जाकर परचेस और सेल्स वाउचर में एंट्री करनी होती है |
टैली में कुल लगभग जितने तरह के वाउचर होते है उन सभी की एंट्री निचे दी गयी है-
2.) पेमेंट वाउचर (Payment Voucher) - जब भी बिज़नस किसी को भुगतान करेगा चाहे वह कैश हो या चेक तब एंट्री पेमेंट वाउचर में होगी जैसे राम को ३००० का भुगतान किया| इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट KEY F5 है |
3.) परचेस वाउचर (Purchase Voucher)- जब भी बिज़नस में माल खरीदा जायेगा तब एंट्री हमेशा परचेस वाउचर में होगी परचेस वाउचर की विंडो २ तरह की होती है एक वो जिसमे स्टोक डिटेल्स देनी होती है और एक वो जिसमे केवल Dr. और Cr. बताना होता है दोनों विंडो में स्विच करने के लिए CTRL + V दबाना होता है | इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट KEY F9 है |
4.) सेल्स वाउचर (Sales Voucher )- जब भी बिज़नस से माल बेचा जायेगा तब एंट्री हमेशा सेल्स वाउचर में होगी सेल्स वाउचर की विंडो २ तरह की होती है एक वो जिसमे स्टोक डिटेल्स देनी होती है और एक वो जिसमे केवल Dr. और Cr. बताना होता है दोनों विंडो में स्विच करने के लिए CTRL + V दबाना होता है | इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट KEY F8 है |
5.) कॉण्ट्रा वाउचर ( Contra Voucher) - बैंक से कैश निकला और बैंक में कैश जमा किये इस तरह की एंट्री कॉण्ट्रा वाउचर में होंगी अर्थात जब बिज़नस का कैश उसी के एक अकाउंट से निकल कर दुसरे अकाउंट में जमा होता है जो की उसी बिज़नस का अकाउंट है तब यह एंट्री कॉण्ट्रा होगी जैस कैश टू बैंक , बैंक टू कैश , बैंक टू बैंक आदि | इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट KEY F4 है |
6.) डेबिट नोट वाउचर ( Debit NoteVoucher) - जो माल हमने खरीदा यदि वह गलत या खराब आ जाये तब उस मॉल को वापस करने की एंट्री डेबिट नोट वाउचर में की जाएगी जैसे राम को ३००० का मॉल बापस किया | इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट KEY CTRL + F9 है | यह वाउचर तभी काम करेगा जब हम डेबिट नोट का फीचर इनेबल कर देंगे |
7.) क्रेडिट नोट वाउचर ( Credit Note Voucher) - जो मॉल हमने बेचा यदि वह गलत या खराब निकले तो उस माल को वापस लेने की एंट्री क्रडिट नोट वाउचर में होगी जैसे सुरेश ने २००० का माल हमे वापस किया | इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट KEY CTRL + F8 है | यह वाउचर तभी काम करेगा जब हम क्रेडिट नोट का फीचर इनेबल कर देंगे |
8.) स्टॉक जर्नल वाउचर (Stock Journal Voucher) - यह वाउचर तभी काम करेगा जब गोदाम का फिचर्स इनेबल होगा इस वाउचर में स्टॉक को एक गोदाम से दुसरे गोदाम में जब ट्रान्सफर किया जाता है तब इस वाउचर का उपयोग किया जाता है| इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट KEY ALT +F7 है |
9.) फिजिकल स्टॉक (Physical Stock Voucher)- यदि हमारे गोदाम में स्टॉक की मात्रा और टैली में स्टॉक की मात्रा अलग अलग हो तब हम फिजिकल स्टॉक वाउचर का उपयोग करते है जैसे टैली में मेन लोकेशन पर १०० पेन है जबकि वास्तविकता में मेन लोकेशन पर 98 पेन है तब हम फिजिकल स्टॉक वाउचर से टैली में भी 98 पेन कर देंगे | इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट KEY ALT + F10 है |
10. जर्नल वाउचर ( Jounral Voucher) - दो एकाउंट्स के बीच अमाउंट को एडजस्ट करने के लिए जर्नल वाउचर का उपयोग किया जाता है | या फिर वह एंट्री जो किसी वाउचर में न जाये उसे हम जर्नल वाउचर में कर सकते है| जर्नल वाउचर एंट्री में कैश और बैंक छोड़कर सभी एकाउंट्स आते है | टैक्स टीडीएस कैलकुलेशन भी जर्नल वाउचर में की जाती है | इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट KEY F7 है |
11.) मेमोरेंडम वाउचर ( Memorandum Voucher) - "टैली में Memo Voucher का उपयोगे ऐसी एंट्री करने के लिए किया जाता है जो कुझ समय के लिए की जाती है और जिनका प्रभाव खातो पर नही पड़ता है| अर्थात केवल याद रखने के लिए उपयोग किया जाता है | इसे ही हम मेमो VOUCHER या MEMORANDUM VOUCHER कहते है | इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट KEY CTRL + F10 है | यह वाउचर तभी काम करेगा जब हम ऑप्इशनल वाउचर का फीचर इनेबल कर देंगे |
12.) रिजेक्शन इन ( Rejection In Voucher)- खराब स्टॉक को लेने की एंट्री रिजेक्शन इन में की जाती है | इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट KEY CTRL + F6 है | यह वाउचर तभी काम करेगा जब हम रिजेक्शन आउट का फीचर इनेबल कर देंगे |
13.) रिजेक्शन आउट (Rejection Out Voucher)- खराब स्टॉक देने की एंट्री रिजेक्शन आउट में की जाती है | इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट KEY ALT+ F6 है | यह वाउचर तभी काम करेगा जब हम रिजेक्शन इन का फीचर इनेबल कर देंगे |
14.) POS वाउचर (Pos Voucher)- यह एक तरह का सेल्स का ही वाउचर है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब हम माल कस्टमर को बेचते है या जब किसी भी स्टॉक को बस 1 या २ यूनिट में बेचते है यानि कम सेल्स में पॉइंट ऑफ़ सेल्स का उपयोग करना होता है जिससे समय की बचत और एक छोटा सा इनवॉइस प्रिंट आसानी से हो जाता है| इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट KEY F8 ही है | यह वाउचर तभी काम करेगा जब हम वाउचर टाइप्स में जाकर इस वाउचर को बना लेंगे |
15.) परचेस आर्डर (Purchase Order Voucher)- परचेस करने से पहले उस सामान का आर्डर देना होता है जिसे परचेस आर्डर कहा जाता है जिसकी एंट्री परचेस वाउचर में की जाती है | इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट के ALT + F4 है | यह वाउचर तभी काम करेगा जब हम परचेस आर्डर का फीचर इनेबल कर देंगे |
16.) सेल्स आर्डर (Sales Order Voucher) - सेल्स करने से पहले सेल्स का आर्डर लिया जाता है जिसकी एंट्री सेल्स आर्डर वाउचर में की जाती है| इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट |ALT + F5 है| यह वाउचर तभी काम करेगा जब हम सेल्स आर्डर का फीचर इनेबल क्र देंगे |
17.) अटेंडेंस वाउचर ( Attendence Voucher) - स्टाफ में एम्प्लोयी कितने दिन छुट्टी पर थे कितने दिन सिक लीव ली और कितने घंटे ओवरटाइम किया इसकी एंट्री की जाती है CTRL +F5 से एंट्री करते है | यह वाउचर तभी काम करेगा जब हम पेरोल का फीचर इनेबल कर कर पेरोल इफ़ो कर देंगे |
18.) पेरोल वाउचर (Payroll Voucher)- इस वाउचर में स्टाफ को कितनी सैलरी देनी है इसकी कैलकुलेशन की जाती है| CTRL+ F4 इस वाउचर को सेलेक्ट करने के लिए टैली में इसकी शॉर्टकट की है | यह वाउचर तभी काम करेगा जब हम पेरोल का फीचर इनेबल कर कर पेरोल इफ़ो कर देंगे |
- Cheque Printing in Tally.erp9
(टैली में चेक कैसे प्रिंट करें)टैली हिंदी नोट्स "Tally Super Star"
Introduction:- टैली में आप किसी भी क्रेडिटर या किसी भी प्रकार के भुगतान को चेक द्वारा कर सकते है और इसके लिये आपको हाथ से चेक भरकर देना होता है लेकिन हाथ से भरे चेक में गलतियाँ हो सकती है|
(In the tally, you can make any creditor or any type of payment by check and for this you have to give the check by hand, but there can be mistakes in the hand-filled check.)
इसलिए कम्पनी द्वारा अधिकतर चेक प्रिंट कर कर दिए जाते है यहाँ चेक प्रिंट का मतलब चेक में लिखी जानी वाली डिटेल्स जैसे नाम , राशी अंको में , राशी शब्दों में, डेट ,हस्ताछर ये सभी डिटेल्स हम चेक पर पेन से न लिखकर टैली की मदद से चेक पर प्रिंट करा सकते है जिससे चेक साफ सुधरा भी दिखेगा और फ्रोड से भी बचा जा सकता है |
(Therefore most checks are printed by the company. Here check print means the details written in the check like name, amount in marks, amount in words, date, signature, all these details, we do not write pen on the check with the help of tally Can be printed on the check, so that the check will also be shown to be clean and the Frode can also be avoided.)
टैली में चेक प्रिंट करें के लिए कुछ चरण है उनका पालन करना होगा(There are some steps to follow to print a check in the tally)
1.) सबसे पहले कम्पनी फीचर में F11 और F1 दबाये फिर Enable cheque Printing Option YES करें |(First of all, press F11 and F1 in the company feature, then do Enable check printing option YES.)
Enable Cheque Printing (Hindi Tally Notes)
2.) अब एकाउंट्स इन्फो में बैंक का लेजर क्रिएट करेंगे(Now bank ledger will be created in accounts info)
bank ledger create for cheque printing
स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया को ग्रुप बैंक में रखेंगे फिर सेट प्रिंट चेक आप्शन को YES करेंगे जैसे ही YES करेंगे सामने स्क्रीन ओपन हो जाएगी(You will keep the State Bank of India in a group bank, then set the print check option to YES, as soon as YES does, the screen will open.)
"एक बाद याद रहे यदि आप टैली का न्यू वर्जन उपयोग कर रहे हैं तो आप को काफी आसानी होगी क्यूंकि जब आप डिटेल्स भरेंगे तो डाइमेंशन्स अपने आप आ जायंगे"(Remember after a while if you are using the new version of Tally, you will get a lot of ease because when you fill the details, the dimensions will come automatically.)कैसे देखिये -(See how -)- बैंक का नाम दीजिये
- अंडर ग्रुप रखिये
- नाम लिखिए
- फिर अकाउंट नंबर
फिर IFSC कोड लिखिए जैसे ही आप ifsc कोड लिखंगे वैसे ही लिस्ट ऑफ़ बैंक सामने आ जाएँगी आप अपना बैंक सेलेक्ट करें फिर आपके सामने उस बैंक में उपयोग होने वाले चेक की लिस्ट आ जाएगी- Name the bank
- Keep under group
- Write the name
- Then account number
Then write the IFSC code. As soon as you write the ifsc code, the list of bank will be revealed, you select your bank, then you will get the list of the check used in that bank.)
Cheque Format अब आप आपके पास जो चेक है उसे सेलेक्ट करे तब अपने आप ही डाइमेंशन्स आ जायेंगे(Now you select the check you have, then the dimensions will come automatically.)
और यदि आपके पास जो चेक है वो सैंपल फॉर्मेट से मैच नही होता है तो आप USER Define आप्शन को चूस करे और फिर सामने पोंट्स इंटर करे(And if the check you have does not match the sample format, then you suck the USER Define option and then enter the ponts in front.)
3.) यहाँ हमसे यह पूछा जा रहा है की कौन सी शब्द कहाँ आये अर्थात जैसे दिनांक कहाँ आये तो हमे यहाँ उस चेक के साइज़ के हिसाब से डाइमेंशन्स सेट करेंगे जैसे टॉप से 10 और लेफ्ट से 180 ऐसा सेट करने पर दिनाकं अपने आप ही उसी जगह जाकर लिखी होगी इसी तरह नाम चेक पर कहाँ प्रिंट हो वो हम यहाँ बता देंगे
(Here we are being asked that which words have come, ie where the dates come, then we will set the dimensions here according to the size of the check, like 10 from the top and 180 from the left. It will be written similarly, where the name should be printed on the check, we will tell here)
लगभग सभी चेक का साइज़ एक जैसा होता है इसलिए हम निचे दिए पॉइंट्स का उपयोग भी कर सकते है या फिर आप अपने चेक को स्केल से नाप कर पॉइंट निकाल सकते है |
(Almost all checks have the same size, so we can use the points given below or you can measure your check from the scale and remove the points.)
मानक पॉइंट्स निम्न प्रकार है -(The standard points are as follows)
5.) अब ये संपेल प्रीव्यू दिखा रहा है-(Now showing this preview preview)अगर हमे लगता है की कुछ गलत है जैसे "राशी" चेक में कुछ ज्यादा निचे आगयी है तब हम अमाउंट के कोलम में लिखे नंबर को कुछ घटा देंगे |सब कुछ ठीक होने पर सेव करे देंगे
6.) अब आप जब भी किसी भी पेमेंट वाउचर में एंट्री करेंगे जिसमे भुगतान करते समय आप बैंक से करे तब अपने आप ही चेक प्रिंट हो जायेगा
(Now whenever you enter any payment voucher, in which you make payment from the bank while making the payment, the check will be printed automatically.)
7.) और कॉण्ट्रा वाउचर में जब भी पैसे बैंक से निकालने की एंट्री करेंगे तब भी सेव होते ही चेक अपने आप प्रिंट हो जायेगा |
(And whenever you enter to withdraw money from the bank in the Contra voucher, the check will automatically be printed as soon as it is saved.)
Enable Cheque Printing -
उम्मीद है आपको समझ आ गया होगा टैली के और नोट्स पाने के लिए आप यहाँ क्लिक करे GNB Classes Tally Notes In Hindi/English - हम बात करेंगे की कैसे टैली में हम अपनी कम्पनी का बैकअप ले सकते हैं | "Tally Super Star""Backup & Restore In Tally.Erp9"
बैकअप (Backup) - बेकअप का अर्थ होता है कि "आप अपने डाटा या इनफार्मेशन को मूल स्थान के अलावा किसी दुसरे स्थान पर उसकी एक कॉपी सुरक्षित रखन" जिससे कि यदि मूल स्त्रोत से डाटा यदि डिलीट हो जाये तो उस दूसरी जगह रखे डाटा से पुनः डाटा रिकवर किया जा सकता है|
टैली में आपकी कम्पनी जिस कंप्यूटर में सेव है यदि वह कंप्यूटर खराब हो जाता है तब ऐसी स्थिति में हमारा सारा डाटा चला जायेगा तब हमे सब कुछ शुरू से बनाना होगा जो की काफी ज्यादा दिक्कत भरा होगा
तब इससे बचने के लिए आपको रेगुलर अपनी कम्पनी का डाटा पेनड्राइव या ईमेल/गूगल ड्राइव पर रखना होता है जिससे बाद में ज़रुरु होने पर किसी ही कंप्यूटर में डाटा को रिकवर कर सकते है |
रिस्टोर (Restore)- जो बैकअप फाइल हमने पेन ड्राइव या ईमेल पर रखी है उसे हम अब वापस कंप्यूटर पर लेने के प्रोसेस को रिस्टोर करना कहते है|
तो रिस्टोर केवल तभी किया जायेगा जब मूल स्त्रोत से फाइल न मिले या किसी दुसरे कंप्यूटर जिसमे हमारी कम्पनी नही है उसी कंप्यूटर में रिस्टोर किया जा सकता है| जैसे इन्वेन्टर को पहले चार्ज करते है जिससे बिजली का बैकअप रखा हो जाता है अब आप उस बैकअप का उपयोग तभी करेंगे जब बिजली चले जाएँगी या जहाँ बिजली नही होगी अर्थात बिजली को रिस्टोर करेंगे |
अब आप समझ गये होंगे की बैकअप और रिस्टोर किया होता है |
अब देखते है कि टैली में बैकअप कैसे ले -
- सबसे पहले टैली ओपने करें |
- अब कम्पनी इन्फो में जाये ALT + F3 से|
- अब बैकअप पर क्लिक करें |
- अब आपके सामने एक स्क्रीन आ जाएगी |
- सोर्स में वह लोकेशन जहाँ आपकी कम्पनी सेव है- यह लोकेशन अपने आप आ जाईगी
- डेस्टिनेशन में वह लोकेशन जहाँ आपको बैकअप फाइल रखनी है यानि आपको पेन ड्राइव का नाम जैसे E: Drive या F: drive.
- फिर वह कम्पनी सेलेक्ट करें जिसे आपको बैकअप रखना है|
- तो इस तरह बैकअप फाइल आपकी पेन ड्राइव में स्टोर हो जाएँगी |
अब देखते है कि टैली में रिस्टोर कैसे करें-
अब यदि कम्पनी आपके कंप्यूटर से डिलीट हो जाये या आप दुसरे कंप्यूटर पर काम करना चाहते है तो आपको उसमे पेन ड्राइव लगाना होगा
- अब टैली को ओपन करिये कम्पनी इन्फो में जायें ALT + F3 से
- अब रिस्टोर सेलेक्ट करें
- डेस्टिनेशन अपने आप आ जायेगा
- सौर्स में पेन ड्राइव का नाम दे जैसे F: या G: जहाँ बैकअप फाइल राखी है |
- सामने कम्पनी आ जाएगी सेलेक्ट कर सेव करें
- अब आप कम्पनी इन्फो से कम्पनी सेलेक्ट करें आपको वह कम्पनी मिल जाएगी जिसको आपने रिस्टोर किया था|
Backup:-

Backup In Tally

Backup file Select
Restore:-

Restore in Tally
Create Backup and restore In tally,Create company Backup And Restore company What is backup/Restore @Sai computer guna GN_B Classes Learn Tally in Hindi
Restore file
Cheque Printing in Tally.erp9
(टैली में चेक कैसे प्रिंट करें)टैली हिंदी नोट्स "Tally Super Star"
Introduction:- टैली में आप किसी भी क्रेडिटर या किसी भी प्रकार के भुगतान को चेक द्वारा कर सकते है और इसके लिये आपको हाथ से चेक भरकर देना होता है लेकिन हाथ से भरे चेक में गलतियाँ हो सकती है|
(In the tally, you can make any creditor or any type of payment by check and for this you have to give the check by hand, but there can be mistakes in the hand-filled check.)
इसलिए कम्पनी द्वारा अधिकतर चेक प्रिंट कर कर दिए जाते है यहाँ चेक प्रिंट का मतलब चेक में लिखी जानी वाली डिटेल्स जैसे नाम , राशी अंको में , राशी शब्दों में, डेट ,हस्ताछर ये सभी डिटेल्स हम चेक पर पेन से न लिखकर टैली की मदद से चेक पर प्रिंट करा सकते है जिससे चेक साफ सुधरा भी दिखेगा और फ्रोड से भी बचा जा सकता है |
(Therefore most checks are printed by the company. Here check print means the details written in the check like name, amount in marks, amount in words, date, signature, all these details, we do not write pen on the check with the help of tally Can be printed on the check, so that the check will also be shown to be clean and the Frode can also be avoided.)
टैली में चेक प्रिंट करें के लिए कुछ चरण है उनका पालन करना होगा
(There are some steps to follow to print a check in the tally)
1.) सबसे पहले कम्पनी फीचर में F11 और F1 दबाये फिर Enable cheque Printing Option YES करें |
(First of all, press F11 and F1 in the company feature, then do Enable check printing option YES.)

Enable Cheque Printing (Hindi Tally Notes)
2.) अब एकाउंट्स इन्फो में बैंक का लेजर क्रिएट करेंगे
(Now bank ledger will be created in accounts info)

bank ledger create for cheque printing
स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया को ग्रुप बैंक में रखेंगे फिर सेट प्रिंट चेक आप्शन को YES करेंगे जैसे ही YES करेंगे सामने स्क्रीन ओपन हो जाएगी
(You will keep the State Bank of India in a group bank, then set the print check option to YES, as soon as YES does, the screen will open.)
"एक बाद याद रहे यदि आप टैली का न्यू वर्जन उपयोग कर रहे हैं तो आप को काफी आसानी होगी क्यूंकि जब आप डिटेल्स भरेंगे तो डाइमेंशन्स अपने आप आ जायंगे"
(Remember after a while if you are using the new version of Tally, you will get a lot of ease because when you fill the details, the dimensions will come automatically.)
कैसे देखिये -
(See how -)
- बैंक का नाम दीजिये
- अंडर ग्रुप रखिये
- नाम लिखिए
- फिर अकाउंट नंबर
फिर IFSC कोड लिखिए जैसे ही आप ifsc कोड लिखंगे वैसे ही लिस्ट ऑफ़ बैंक सामने आ जाएँगी आप अपना बैंक सेलेक्ट करें फिर आपके सामने उस बैंक में उपयोग होने वाले चेक की लिस्ट आ जाएगी
- Name the bank
- Keep under group
- Write the name
- Then account number
Then write the IFSC code. As soon as you write the ifsc code, the list of bank will be revealed, you select your bank, then you will get the list of the check used in that bank.)
अब आप आपके पास जो चेक है उसे सेलेक्ट करे तब अपने आप ही डाइमेंशन्स आ जायेंगे
Cheque Format
(Now you select the check you have, then the dimensions will come automatically.)
और यदि आपके पास जो चेक है वो सैंपल फॉर्मेट से मैच नही होता है तो आप USER Define आप्शन को चूस करे और फिर सामने पोंट्स इंटर करे
(And if the check you have does not match the sample format, then you suck the USER Define option and then enter the ponts in front.)
3.) यहाँ हमसे यह पूछा जा रहा है की कौन सी शब्द कहाँ आये अर्थात जैसे दिनांक कहाँ आये तो हमे यहाँ उस चेक के साइज़ के हिसाब से डाइमेंशन्स सेट करेंगे जैसे टॉप से 10 और लेफ्ट से 180 ऐसा सेट करने पर दिनाकं अपने आप ही उसी जगह जाकर लिखी होगी इसी तरह नाम चेक पर कहाँ प्रिंट हो वो हम यहाँ बता देंगे
(Here we are being asked that which words have come, ie where the dates come, then we will set the dimensions here according to the size of the check, like 10 from the top and 180 from the left. It will be written similarly, where the name should be printed on the check, we will tell here)
लगभग सभी चेक का साइज़ एक जैसा होता है इसलिए हम निचे दिए पॉइंट्स का उपयोग भी कर सकते है या फिर आप अपने चेक को स्केल से नाप कर पॉइंट निकाल सकते है |
(Almost all checks have the same size, so we can use the points given below or you can measure your check from the scale and remove the points.)
मानक पॉइंट्स निम्न प्रकार है -
(The standard points are as follows)
5.) अब ये संपेल प्रीव्यू दिखा रहा है-
(Now showing this preview preview)
अगर हमे लगता है की कुछ गलत है जैसे "राशी" चेक में कुछ ज्यादा निचे आगयी है तब हम अमाउंट के कोलम में लिखे नंबर को कुछ घटा देंगे |
सब कुछ ठीक होने पर सेव करे देंगे
6.) अब आप जब भी किसी भी पेमेंट वाउचर में एंट्री करेंगे जिसमे भुगतान करते समय आप बैंक से करे तब अपने आप ही चेक प्रिंट हो जायेगा
(Now whenever you enter any payment voucher, in which you make payment from the bank while making the payment, the check will be printed automatically.)
7.) और कॉण्ट्रा वाउचर में जब भी पैसे बैंक से निकालने की एंट्री करेंगे तब भी सेव होते ही चेक अपने आप प्रिंट हो जायेगा |
(And whenever you enter to withdraw money from the bank in the Contra voucher, the check will automatically be printed as soon as it is saved.)
Enable Cheque Printing -
उम्मीद है आपको समझ आ गया होगा टैली के और नोट्स पाने के लिए आप यहाँ क्लिक करे GNB Classes Tally Notes In Hindi/English
टैली POS (Point Of Sales) -
यह एक तरह का छोटा बिल है जिसका उपयोग कस्टमर को देने के लिए किया जाता है सबसे पहले यह समझना होगा की जो सेल्स की अभी तक की हम एंट्री कर रहे थे वह सब डीलर के लिए अर्थात सामान की मात्रा हमेशा ज्यादा रहती थी तो हम बिल भी उसी तरह का प्रिंट करते थे लेकिन छोटे ग्राहक को जो हमसे कम सामान लेकर जाते है उने इतना बड़ा बिल देना उचित नही होगा क्यंकि वह ज्यादा से हर बार एक या दो ही सामान खरीदता है इसलिए उन्हें हम एक छोटी सी स्लिप या बिल देंगे जिसे हम POS इनवॉइस कहते है |
"POS is an acronym for Point of Sale . Point of Sale could mean a retail shop, a check-out counter in a shop or any other location, where a sales transaction takes place. The various POS equipment used in retail outlets are Cash registers, card readers and barcode scanners.
It is a computerized cash register which adds the sales total, computes the State sales tax or VAT, calculates the change from the money tendered and automatically adjusts the store’s inventory to debit the amount of inventory sold."
ये तो बात हुयी POS के एक लाभ की लेकिन पोस और भी तरह से हमारी मदद करता है जैसे सामान की मात्रा और उसकी रेट अपने आप लिख देता है, पार्टी अकाउंट देना इसमे ज़रूरी नही होता है, और जब कस्टमर पैसे देता है तो हम उसे खुले रूपए कितने दे इस बात की एंट्री भी हम इसमे कर सकते है हमे कैलकुलेटर का उपयोग नही करना पड़ता ,और प्रिंट करने के लिए हमे डिस्प्ले में डेबुक में जाकर एंट्री करने की भी ज़रूरत नही होती क्यूंकि जैसे ही हम सेव करते है यह अपने आप ही बिल प्रिंट कर देता है, अगर कस्टमर कैश देने की बजाय क्रेडिट कार्ड डेबिट कार्ड या फिर चेक से पेमेंट करता है तो वह एंट्री भी हम इसमे बड़े आराम से कर सकते है तो अब आप जान गये होंगे की POS Invoice क्या है आईये सीखते है टैली में पोस कैसे बनाये --
Creating POS Voucher Type with Voucher Class-
"The payments against POS invoices are generally made by way of cash, gift vouchers,cheques/drafts or through credit/debit cards. The payments accepted by the business can be pre-defined in the POS invoice. To create a POS Invoice Voucher Type with Voucher Class, you may create a new POS Invoice Voucher Type or alter an existing Sales Voucher Type."
Create POS In Tally टैली में POS Voucher बनाना -
1.) सबसे पहले आप कंपनी ओपन करिये इसके बाद आप एकाउंट्स इन्फो (Accounts Info)में जाये
फिर वाउचर टाइप्स (Voucher Types) को सेलेक्ट करे
क्रिएट (Create) पर क्लिक करे |
2.) इतना होने के बाद नेम में POS टाइप करे और टाइप्स ऑफ़ वाउचर में सेल्स सेलेक्ट करे क्यूंकि यह सेल्स का एक प्रकार है बाकी दिए हुए आप्शन अपनी जगह सही है |
3.) इसके बाद आप प्रिंटिंग सेक्शन (Printing Section) में आ जाये यह दिए आप्शन में प्रिंट आफ्टर सेविंग (Print after saving) आप्शन को YES करे
यूज फॉर पोस इनवोइसिंग (Use For POS Invoicing) को भी YES
प्रिंट मेसज 1 (Print Message 1 ) में एक मेसेज टाइप करे जैसे थैंक यू (Thank You) या जो आप लिखना चाहे
और इसी तरह प्रिंट मेसज 2 (Print Message 2) में भी टाइप करे जैसे विजिट अगेन (Visit again),
डिफ़ॉल्ट इनवॉइस टाइटल (Default Invoice Titles) में अपनी शॉप का नाम या कोई टाइटल प्रिंट करे
और डीकेलायेरशन (Declaration) में आपके सामान की जो शर्ते है वो टाइप करे जैसे बिका हुआ माल वापस नही होगा आदि |
इसके बाद सबको सेव कर दे सेव करे दें |
इसके बाद एकाउंटिंग वाउचर (Accounting Voucher ) में जाये
यहा F8 दबाये और POS को सेलेक्ट करे
इसके बाद निचे दिए तरीके से एंट्री करे
Party A/c name Not Applicable
sales Account - Sales A/c फिर जो सामान आपन्ने दिया उसकी जानकारी दे
और सबसे निचे दिए केश आप्शन (Cash) में कैश अकाउंट यूज करे केश न आने पर कीबोर्ड पर कंट्रोल के साथ P (Ctrl + P)दबाये तो वह आ जायेगा
केश टेंडर(Cash Tendered) में वह राशी टाइप करे जो अपने कस्टमर से ली बेंलेश में अपने आप वह राशी आ जाएगी जो आपके उसे बापस देनी
इसके बाद सेव करे सेव करने के साथ ही प्रिंट करने की स्क्रीन सामने आ जाएगी प्रिंट प्रीव्यू देखने के लिए आल्टर बटन से साथ I (ALT + I )दबाये
तो इस तरह हम POS Voucher में कस्टमर की एंट्री कर सकते है |
और यदि वह पेमेंट केश में न करकर क्रेडिट डेबिट कार्ड या चेक से कर रहा है तब हम कण्ट्रोल के साथ P (CTRL + P ) दबा कर मल्टीमोड आप्शन को ले लेंगे |
जिसे निचे की तरफ आपको कुझ आप्शन दिखाई देंगे
सबसे पहला आप्शन है गिफ्ट वाउचर ( Gift Voucher) यह आप गिफ्ट वाउचर का अकाउंट यूज करेंगे जिसे अंडर ग्रुप Sundry Debtors रखेगे
"गिफ्ट वाउचर एक तरह का डिस्काउंट, जब कस्टमर आपकी शॉप से कुझ खरीदता है तब आप उसे एक गिफ्ट वाउचर देते है जो कि एक राशी के रूप में होता है फिर जब वही कस्टमर अगली बार आपकी शोप से कुझ खरीदता है तो उसके बिल में से वह राशी कम हो जाती है और चूँकि जिसे हम माल बेचते है वह sundry debtors होता है इसलिए गिफ्ट वाउचर भी अंडर sundry debtors होता है|"
क्रेडिट/ डेबिट कार्ड से पेमेंट होने पर यह वह बैंक सेलेक्ट करे जिस बैंक में आपका अकाउंट है जैसे स्टेट बैंक और फिर अगले कोलम में Amount व कार्ड नंबर टाइप करे
अगर पेमेंट चेक से होतो बैंक में फिर से अपना बैंक सेलेक्ट करे और अगले कॉलम में राशी लिखकर कस्टमर किस बैंक का चेक दे रहा है उस बैंक का नाम लिखे और चेक नंबर लिखे
केश पेमेंट करने पर केश अकाउंट यूज करे
तो इस तरह से हम सभी तरह से पेमेंट प्राप्त कर सकते है उम्मीद है आपक POS समझ आ गया होगा ज्यादा जानकारी के लिए आप हमारा ये विडियो देखे -
(Hope you have understood that to get more notes of Tally you click here GNB Classes Tally Notes in Hindi)
टैली क्या है ? जाने के लिए यह क्लिक करे
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Use Reversing Journal And Optional Voucher In Tally.erp9 , PDF File
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Use Reversing Journal And Optional Voucher In Tally.erp9 , PDF File
"टैली में Memo Voucher का उपयोगे ऐसी एंट्री करने के लिए किया जाता है जो कुझ समय के लिए की जाती है और जिनका प्रभाव खातो पर नही पड़ता है| अर्थात केवल याद रखने के लिए उपयोग किया जाता है | इसे ही हम मेमो VOUCHER या MEMORANDUM VOUCHER कहते है | इस Voucher को लेने के लिए फिचेर्स इनेबल करने के बाद कीबोर्ड पर कण्ट्रोल बटन के साथ F10 दबाना होता है |"
तो चलिए जानते है कैसे इसका फीचर्स इनेबल किया जाता है -
1.) सबसे पहले कम्पनी ओपन कर लीजिये इसके बाद कीबोर्ड पर F11 और फिर F1 दबाये |
2.) फिर दिए आप्शन में से Use Reversing Journal And Optional Voucher को Yes करे |
![]() |
| Use Reversing Journal And Optional Voucher "Memo Voucher" |
3.) अब सेव कर ले सेव करने के लिए आप कीबोर्ड पर CTRL+ A भी दबा सकते है |
4.) अब आप गेटवे ऑफ़ टैली की विंडो पर आये और Accounting Voucher में जाये |
![]() |
| Use Reversing Journal Optional Voucher |
5.) आने के बाद कीबोर्ड पर Ctrl + F10 दबा कर Memo Voucher Select करे |
![]() |
| Memorandum Voucher Entry |
6.) अब यह एंट्री करे जो आपका करना है उदाहरण के लिए एंट्री मान लेते है माना की , ऑफिस के लिए कुझ सामान मंगाना है और सामन कितने का आएगा इसका कोई फिक्स् पता नही है , तब हम जो भी सामान लेके आने वाला है उसे एक अनुमानित राशी दे देंगे जैसे -
ऑफिस के लिए पेन, रजिस्टर , फाइल ,आदि लाना है तो Raj को हम २००/- रूपए दे देंगे |
7.) तब इसकी एंट्री आप मेमो वाउचर में करेंगे जैसा दिखाया गया है
![]() |
| Memo Entry in tally.erp9 |
8.) अब जब राज सामान लेके आ जायेगा तब राज से हिसाब लेने के बाद हम मेमो वाउचर वाउचर को पेमेंट वाउचर में बदल देंगे |
![]() |
| Report of Memo Voucher |
![]() |
| Memorandum Voucher |
![]() |
| Convert Memo Voucher |
9.) ऐसा करने के लिए आपको Display - में Expiation Reports में जाकर Memorandum Voucher Select करना होगा |
10.) और यदि २००/-रूपए लेने के बाद किन्ही कारणों से बापस नही आता है या हिसाब नही दे पता है तो हमारा टैली में कैश ज्यादा और रियल में कैश कम आएगा तब हम वही
Display - में Expiation Reports में जाकर Memorandum Voucherमें देख लेंगे की कोंन सी एंट्री नही हुयी है |
अधिक जानकारी ले लिए विडियो देखे !
Tally Notes In Hindi
Tally notes in PDF
- GST On Accounts(Without Stock Gst Entry In Tally)पहले हमने स्टॉक के साथ GST एंट्री करना सिखा अब यदि हमे स्टॉक मेंटन नही करना केवल एकाउंट्स पर Gst लगाना है तो हमे निम्नलिखित चरण का पालन करना होग-
(Previously we taught to do GST entry with stock, now if we do not maintain stock only to put GST on accounts then we have to follow the following steps-)
Tally Gst Nots in Hindi ( जीएसटी एंट्री इन टैली )सबसे पहले कम्पनी क्रिएट करिये जिसका एड्रेस मध्यप्रदेश यदि मध्यप्रेश की कम्पनी है तो और डेट इंटर करिये और बाकि डिटेल्स जो देना चाहे वो देकर सेव कीजिये
(First of all, create a company whose address is Madhya Pradesh's company, then enter more dates and save it by giving the remaining details.)इसके बाद कम्पनी फीचर फ F11 - F3 में जाकर Enable Goods And Service Tax YESऔर Set/Alter Gst Details YES करेंगे
(After this, by going to the company feature F F11 - F3, Enable Goods and Service Tax YES
More Set / Alter Gst Details will do YES)फिर एकाउंट्स इन्फो में जाकर लेजर क्रिएट करेंगे -
(Then go to Accounts Info and create a laser)अब जैसे हमने लेजर क्रिएट करे थे अब उनमे थोडा परिवर्तन करना होगा क्यूंकि अब हमे लेजर पर टैक्स लगाना है तो देखते है
(Now as we had created the laser, now we have to make some changes in it because now we have to tax the laser, let's see)Purchase Gst -Purchase - Gst -Applicable - Yes - PurchaseTaxble -Taxble inegrated tax 18%- Goods

Purchase Accounts @18% Gst Sales Gst- Sales- Gst- Applicable - Yes - Sales Taxble - Taxble Integrated Tax 18% - Goods

sales @18% Gst (Notes In Hindi Tally) Suresh - Sundry Dr.- Madhyapradeshबस अब चूँकि स्टॉक हमे मेंटन नही करना इसलिए स्टॉक नही बनायेंगे अब दडायरेक्ट एकाउंटिंग वाउचर में एंट्री करेंगे अब जब आप परचेस सेल्स में एंट्री करेंगे तो उसे पहले टैली में आइटम इनवॉइस को हटा कर अकाउंट इनवॉइस मोड पर लाना होगा इसके लिए कीबोर्ड पर ALT + I दबाना होगा तब कुछ इस तरह की विंडो बन जाएगी
(Just now because we do not maintain the stock, we will not create the stock, now you will enter in the Direct Accounting Voucher. Now when you enter the purchase in the sales, first you have to remove the item invoice in the tally and bring it to account invoice mode. ALT + I on the keyboard. If you have to press, then some such window will be created)
Account invoice Windows Alt + I Payment Entryतो उम्मीद है आपको समझ आगया होगा यदि कोई भी दिक्कत लगे कमेंट्स कर ज़रूर बताये धन्यवाद
(So hopefully you would have understood, if you have any problem, please do comment and thank me.)Gst Tax in Tally(Gst Notes In Hindi)(Tally Hindi/English Notes) "Tally Super Star"Gst Tax की एंट्री टैली में कैसे की जाती है आज इसी विषय पर चर्चा करेंगे
छात्र काफी परेशान रहते है टैली में GST एंट्री को लेकर क्यूंकि सभी लोगो के टैली में GST मेन्टेन करने का तरीका थोडा थोडा अलग है तो आप बिलकुल भी कंफ्यूज न हो आप बस ध्यान रखे की बिल में Gst आ रहा है नही मेथड चाहे जो हो |
(How the entry of Gst Tax is done in the tally, we will discuss the same topic today.
Students are very worried about the GST entry in the tally because the way to maintain the GST in the tally of all the people is a bit different, so you are not confused at all, just keep in mind that GST is coming in the bill, no matter what Also be)
तो चलिए देखते है टैली में कैसे GST मेन्टेन करें -
(So let's see how to maintain GST in Tally -)
इसे हम 2 तरह से टैली में मेन्टेन करेंगे पहले स्टॉक के साथ और दूसरा स्टॉक के बिना अर्थात लेजर पर gst टैक्स लगा कर
(We will maintain it in two ways in tally, first with stock and second without stock i.e. levying gst tax on the ledger)
इसे पहले थोडा हम यह समझ ले की GST क्या है ?
(Let us first understand what is GST?)
GST अर्थात गुड्स एंड सर्विस टैक्स जो किसी माल की खरीदी विक्री पर लगाया जाने वाला टैक्स है और यह टैक्स कुछ प्रतिशत के रूप में लगाया जाता है जैसे 5%, 12%, 18% और 28% आप क्या खरीद या बेच रहे हैं इसके ऊपर निर्भर करेगा की कितना प्रतिशत टैक्स लगेगा जैसे इलेक्ट्रॉनिक आइटम पर 18% GST लगया जाता है |
(GST means Goods and Services Tax, which is a tax levied on the sale of goods and is taxed as a percentage, such as 5%, 12%, 18% and 28% over what you are buying or selling. What percentage will be taxed like 18% GST is levied on electronic items.)
चूँकि टैक्स सरकार को दिया जाता है तो GST भी सरकार को दिया जायेगा लेकिन यहाँ एक समस्या यह थी कि कौन सी सरकार राज्य सरकार या केंद्र सरकार तो इसलिए यहाँ GST के दो भाग किये गये पहला भाग CGST (Central GST ) औत दूसरा भाग SGST (State GST ) अर्थात् gst जैसे 18% प्रतिशत लगता है तो cgst 6% और Sgst 6% दोनों राज्य सरकारों को बराबर बराबर मिल जायेगा | ध्यान रहे यदि यह खरीदी बिक्री राज्य के अंदर हो तब
(Since tax is given to the government, then GST will also be given to the government, but there was a problem here, which government is the state government or central government, so here the two parts of GST are first part CGST (Central GST) and second part SGST ( State GST) means 18% percent like gst, then cgst 6% and sgst 6% both state governments will get equal. Keep in mind if this purchase is within the sale state)
अगर राज्य के बाहर आप कोई सामान बेचते है तो उसपर IGST( Integrated Tax) लगया जाता है और यदि राज्य केंद्र शासित हो तब UGST लगया जाता है |
(If you sell any goods outside the state, then IGST (Integrated Tax) is levied on it and if the state is centrally governed then UGST is levied.)
तो अब आप जान गये की GST टैक्स कितने प्रकार का होता है अगर राज्य के अंदर खरीदेंगे/बेंचेगे तो cgst और sgst, राज्य के बाहर बेचने पर IGST लगया जायेगा|
(So now you know what kind of GST tax is there, if you buy / sell inside the state, then cgst and sgst, IGST will be imposed on selling outside the state.)
टैली में सबसे पहले कम्पनी बनाये कंपनी बनाते समय डेट और एड्रेस सही भरे जैसे डेट 01-04-2019 और एड्रेस इंडिया, मध्यप्रदेश और बाकि डिटेल्स देना चाहे तो दे दें जैसा चित्र में दिखया गया है |
(When making a company, first of all in the tally, when creating a company, fill the date and address correctly like date 01-04-2019 and if you want to give address India, Madhya Pradesh and other details, as shown in the picture.)

Create Company For Gst Entry
अब कम्पनी में GST इनेबल करने के लिए F11 और F3 दबाएँ और
Enable Goods And Serices Tax (Gst) YES करें
और Set/Alter Gst deatils भी YES करें फिर अपनी कम्पनी का GSt No टाइप करें जैसा चित्र में दिखाया गया है -
(Now press F11 and F3 to enable GST in the company and
YES Enable Goods And Serities Tax (Gst)
Also do YES Set / Alter Gst deatils then type your company's GSt No as shown in the picture -)

Enable Gst
अब एकाउंट्स इन्फो में जाकर लेजर क्रिएट करें
- Purchase Gst - Purchase - Gst - Applicable -No- Goods

Purchse Ledger Create In GST - Sales GSt - Sales - Gst--Aplicable - No - Goods

Sales Ledger For Gst - CGST - Duties And Taxes - Gst - Central

Cgst In Tally Hindi Notes - SGST - Duties And Taxes -Gst - State
- Ram - Sundry Creditors - Madhyparadesh

Sundry Creditors for Gst - Suresh - Sundry Debtors -Madhyapradesh
अब इन्वेंटरी इन्फो में जाकर स्टोक ग्रुप क्रिएट करना होगा
(Now you have to create a stock group by going to inventory information)
Invnetory Info - Stock Group -Create
- Computer -Primary - Yes - Yes - Taxble - Gst 18%
- keyboard - Primary - Yes - Yes - Taxble - Gst 18%
Unit Of Mesaure - Create
- Nos- Numbers - 0
Stock Item - Create
- Dell Computer - Computer - Nos
- Hp Computer - Computer - Nos
- Acer Keyboard - keyboard - Nos
अब हमे एकाउंटिंग वाउचर में एंट्री करनी है -
(Now we have to enter the accounting voucher -)
Purchase (F9) राम से मॉल ख़रीदा
Sales (F8) सुरेश को माल बेचा
Gst Entry In Tally

sales entry
अब कितना टैक्स का भुगतान करना है ये देखने के लिए डिस्प्ले में एकाउंट्स बुक में cgst और sgst का लेजर का बलेंसे देख लेंगे दोनों की राशी बराबर ही होगी
(Now to see how much tax you have to pay, you will see the laser force of cgst and sgst in the accounts book in the display, both will be equal.)
अब भुगतान की एंट्री कुछ इस प्रकार होगी --
भुगतान करने के लिए कीबोर्ड पर ऑल्ट के साथ S दवाये (Alt + S)
फिर डेट सेलेक्ट करे कब से कब तक की और फिर इस प्रकार एंट्री करे
(Now the payment entry will be something like this -
S medicines with Alt on the keyboard to pay (Alt + S)
Then select the date from when to how long and then enter in this way)

Gst Payment Entry
अब भुगतान की रशीद डिस्प्ले में Gst challan से प्रिंट कर देंगे
उम्मीद है आपको समझ आया होगा धन्यवाद
(Hope you understand thanks)
और अधिक --
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- Purchase Gst - Purchase - Gst - Applicable -No- Goods

































































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